कोई मक़सद होता है 

जन्म लेती हर नई ज़िन्दगी का कोई ना कोई मक़सद होता है, हर बात के पीछे कई विचारों  का ढेर होता है…… 

मैं जब से पैदा हुई हूँ, तब से एक उसूल जानती हूँ कि पैदा होते ही ये  बताना होता है की एक लड़की होती हैं और एक लडका होता है…… 

तो अब कैसे अकेली चल मानसिकता सुधारू मै, जब मुझे ही नहीं पता  कि ,एक लड़की और एक लडके के अलावा इंसान का  क्या चेहरा होता है…… 

मेरी बात मानो, इस सभा में तुम्हारा आना कोई चूक नही….. ये मै नही वो परवर दिगारा कहता है, कि हर चित्र कथा के पीछे कई घटनाओ का मन्त्रण होता है…. 

जन्म लेती हर नई ज़िन्दगी का कोई ना कोई मक़सद होता है…